तृणमूल ने प्रधानमंत्री पर राष्ट्रपति कार्यालय के साथ 'गंदी राजनीति' करने का आरोप लगाया
तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राष्ट्रपति पद के साथ ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप लगाया।
कोलकाता, भाषा। तृणमूल कांग्रेस ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर राष्ट्रपति पद के साथ ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा से जुड़े संस्थान पश्चिम बंगाल की जनता के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई लड़ रहे हैं क्योंकि पिछले चुनावों में उस पार्टी को राज्य में पैर नहीं जमाने दिया गया था।
तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना करते हुए, मोदी ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रपति के साथ इस तरह का व्यवहार कर सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "यह शर्मनाक और अभूतपूर्व है। लोकतंत्र और आदिवासी समुदाय के सशक्तीकरण में विश्वास रखने वाले सभी लोग इससे बेहद दुखी हैं। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली माननीय राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई पीड़ा और चिंता ने भारत के लोगों को आहत किया है।"
मोदी ने पोस्ट में कहा, ‘‘पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सारी हदें पार कर ली हैं। राष्ट्रपति के प्रति इस तरह के अनादर के लिए उसका प्रशासन जिम्मेदार है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाली संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को इतनी लापरवाही से ले रही है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और इस पद की गरिमा को हमेशा बनाए रखना चाहिए।’’
तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने 'एक्स' पर लिखा, "जब पूरा तंत्र बंगाल के खिलाफ खड़ा हो जाता है, तो बंगाल और भी मजबूत हो जाता है। मुकाबला करो! बंगाल फिर से जीतेगा।"तृणमूल के पदानुक्रम में वस्तुतः दूसरे नंबर पर आने वाले बनर्जी ने पोस्ट किया कि पश्चिम बंगाल की जनता का मुकाबला भाजपा और उसके साथ निर्वाचन आयोग, ईडी, सीबीआई, राज्यपाल, 20 केंद्रीय मंत्री, 10 मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, गोदी मीडिया आदिसे है।

