अगर राजनीति में नहीं होता, तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में उद्यमिता करता: राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं होते, तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी उद्यमिता से जुड़े होते।
तिरुवनंतपुरम, भाषा। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि अगर वह राजनीति में नहीं होते, तो शायद एयरोस्पेस क्षेत्र में किसी उद्यमिता से जुड़े होते।गांधी ने यहां टेक्नोपार्क में सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) क्षेत्र के पेशेवरों के साथ संवाद के दौरान एक सवाल के जवाब में यह बात कही।उन्होंने कहा कि कई लोगों ने उन्हें एक नेता के रूप में परिभाषित किया है, लेकिन वास्तव में वह और भी बहुत कुछ करते हैं।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि उनका मानना है कि किसी को नेता, तकनीकी विशेषज्ञ या इंजीनियर कहना ‘‘परिभाषाओं को सीमित करना’’ है।उन्होंने कहा, ‘‘यदि मैं किसी राजनीतिक संगठन के लिए काम नहीं कर रहा होता, तो शायद मैं कोई उद्यम कर रहा होता, शायद एयरोस्पेस के क्षेत्र में। मैं एक पायलट हूं, मेरे पिता और मेरे चाचा भी पायलट थे। इसलिए हमारे परिवार में इसकी थोड़ी परंपरा रही है।’’
केरल के दो-दिवसीय दौरे पर आए गांधी ने कहा, ‘‘हमें हर चीज के बारे में जिज्ञासु होना चाहिए। आपको हर बात के प्रति खुला दिमाग रखना चाहिए, तभी आप चीजों को आपस में जोड़ना शुरू कर सकते हैं।’’गांधी ने अपने निजी जीवन, अपनी दिनचर्या और अपने पालतू कुत्तों से संबंधित सवालों के भी जवाब दिए।उन्होंने कहा कि वह अपने काम को कभी नौकरी के रूप में नहीं देखते, क्योंकि ज्यादातर समय वह अपने आसपास घटित होने वाली चीजों के बारे में जानने के लिए उत्सुक रहते हैं।
कांग्रेस नेता ने अपनी दिनचर्या के बारे में कहा कि वह सोने से पहले पढ़ते हैं और लगभग एक घंटे तक व्यायाम करते हैं।राहुल गांधी ने कहा कि व्यायाम करने की यह आदत उन्होंने अपनी दादी इंदिरा गांधी से सीखी, जो प्रतिदिन एक घंटे अपने कमरे में व्यायाम किया करती थीं।उन्होंने फुटबॉल और मार्शल आर्ट के प्रति अपने प्रेम, कॉलेज में बॉक्सिंग के अभ्यास और अतीत में जिन ट्रायथलॉन में वह भाग लेते थे, उनके बारे में भी बात की।
गांधी ने कहा, ‘‘मैं हमेशा से मार्शल आर्ट करता आया हूं।’’उन्होंने अपने पालतू कुत्तों के साथ अपने रिश्ते से संबंधित प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, ‘‘मेरा मानना है कि हमें सभी प्राणियों के प्रति दयालु और सौम्य होना चाहिए। महात्मा गांधी भी यही मानते थे कि जो लोग या देश जानवरों सहित सभी प्रकार के जीवन का सम्मान नहीं करते, उन्हें अभी बहुत लंबा सफर तय करना है।’’
संवाद के समापन की ओर बढ़ते हुए, गांधी ने कहा कि केरल और वहां के लोगों के साथ उनका गहरा रिश्ता है, क्योंकि उन्होंने उस समय उन्हें ‘‘गले लगाया’’ जब वह ‘‘सबसे क्रूर और अन्यायपूर्ण हमले’’ का सामना कर रहे थे।उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।’’कांग्रेस नेता ने यह भी कहा कि उन्होंने केरल से लोगों का सम्मान करना, अन्य संस्कृतियों का आदर करना, दूसरों के प्रति स्नेह रखना, राज्य में राजनीति कैसे की जाती है।
राज्य में अस्पतालों का संचालन कैसे होता है, इस बारे में बहुत कुछ सीखा है।उन्होंने कहा, ‘‘मैं आपका आभारी हूं। मैं यहां आपके साथ काम करने और हरसंभव तरीके से आपकी मदद करने के लिए हूं।’’गांधी ने यह भी कहा कि श्री नारायण गुरु केरल की भावना को प्रतिबिंबित करते हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से राज्य की भावना को ‘‘स्वतंत्र रूप से और खुले तौर पर’’ व्यक्त करने का आग्रह किया।
प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, उन्होंने भारत की शिक्षा प्रणाली के बारे में भी बात की।उन्होंने कहा कि विदेशों और भारत में पढ़ाई एवं काम करने के बाद उन्हें लगता है कि भारतीय शिक्षा प्रणाली के कई बड़े फायदे हैं।गांधी ने कहा, ‘‘लेकिन हम वास्तव में उन फायदों से लाभ नहीं उठाते। भारतीय मस्तिष्क जटिलता को इस तरह संभाल सकता है जैसा कोई और मस्तिष्क नहीं संभाल सकता। कोई भी अमेरिकी मस्तिष्क उस स्तर की जटिलता को नहीं संभाल सकता जो एक भारतीय मस्तिष्क संभाल सकता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी परंपरा और सोच अंदरूनी जीवन (मन और आत्मा) को संभालने में बेहतर मानी जाती है, जबकि पश्चिमी दुनिया बाहरी व्यवस्था और भौतिक चीज़ों को व्यवस्थित करने में ज्यादा कुशल है।’’गांधी ने कहा कि चीन का दावा है कि वह कभी भी उपनिवेश नहीं रहा।उन्होंने तर्क दिया, ‘‘हमने उन पर उपनिवेश स्थापित किया। बौद्ध धर्म ने चीनियों पर उपनिवेश स्थापित किया। यह यहीं से गया। इसलिए, उनकी पूरी दार्शनिक संरचना बिहार से आती है।’’
अपनी बातचीत के दौरान उन्होंने 2015-16 की एक घटना का भी जिक्र किया, जब उन्होंने अपने घर आए एसपीजी निदेशक से कहा था कि ड्रोन उनके लिए एक बहुत बड़ी सुरक्षा समस्या बनने वाले हैं।उन्होंने कहा कि कुछ दिन बाद ‘‘पूरे देश में ड्रोन पर प्रतिबंध लगा दिया गया’’।गांधी ने कहा, ‘‘तो, कृपया इसकी शक्ति को समझें। सुरक्षा संबंधी काम करने वाला एक व्यक्ति पल भर में पूरे उद्योग को तबाह कर सकता है।
एक नौकरशाह अचानक पलटकर पूरे उद्योगों को टुकड़े-टुकड़े कर सकता है।’’नेता प्रतिपक्ष ने कहा, ‘‘यह सिर्फ सुरक्षा का मामला नहीं था। यह अरबों डॉलर का उद्योग था। हमें सुरक्षा मुद्दे से निपटना होगा, न कि उद्योग को खत्म करना होगा।’’उन्होंने कहा कि इसके लिए उद्योग से जुड़े लोगों केसाथ चर्चा करने की जरूरत है, न कि केवल नौकरशाहों के बीच।

