शिया और सुन्नी समुदाय के सदस्यों ने खामेनेई को श्रद्धांजलि दी
शिया और सुन्नी समुदाय के सदस्यों ने सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एएमयू छात्र संघ परिसर के प्रांगण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि दी।
अलीगढ़, भाषा। शिया और सुन्नी समुदाय के सदस्यों ने सोमवार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय एएमयू छात्र संघ परिसर के प्रांगण में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान खामेनेई की आत्मा की शांति के लिये लोगों ने ‘गायबाना नमाज ए जनाजा’ अदा की। जनाजे की गैर मौजूदगी में पढ़ी जाने वाली नमाज को ‘गायबाना नमाज ए जनाजा’ कहा जाता है। अमेरिकी हमले में मारे गये ईरान के सर्वोच्च नेता की आत्मा की शांति के लिये कई छात्रों और पूर्व छात्रों ने भाग लिया। नमाज से पहले शिया-सुन्नी एकता के नारे लगाए।
सभा को संबोधित करते हुए कई वक्ताओं ने कहा, ‘‘अयातुल्ला खामेनेई ने "शहादत प्राप्त की और अपने देश की सीमाओं से परे सहानुभूति की लहर पैदा की"। कई वक्ताओं ने भारत सरकार से चुप रहने के बजाय दिवंगत परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का आग्रह किया। प्रार्थना सभा को संबोधित करते हुए, एएमयू छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने कहा कि अयातुल्ला खामेनेई "दुनिया के उन सभी दबे-कुचले लोगों की आवाज बन गए थे जो दुनिया की साम्राज्यवादी ताकतों के खिलाफ मानवता के लिए बोलते हैं।" इम्तियाज ने कहा, "अयातुल्ला खामनेई भारत के पुराने दोस्त थे और पाकिस्तान के साथ अपने रिश्ते की कीमत पर भी वह भारत के साथ खड़े थे।"

