अमेरिका ने जिस युद्धपोत को निशाना बनाया, उसपर कोई हथियार नहीं था: ईरानी अधिकारी

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
On

श्रीलंका के तट के निकट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी से किये गए हमले के कारण डूबे ईरानी युद्धपोत पर कोई हथियार नहीं था।

नयी दिल्ली, भाषा। श्रीलंका के तट के निकट अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में अमेरिकी पनडुब्बी से किये गए हमले के कारण डूबे ईरानी युद्धपोत पर कोई हथियार नहीं था। ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह दावा किया। उन्होंने जहाज को निशाना बनाये जाने को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया। ईरानी जहाज ‘आईरिस देना’ भारत द्वारा आयोजित मिलन बहुपक्षीय नौसैन्य अभ्यास में भाग लेने के बाद स्वदेश लौट रहा था कि तभी बुधवार तड़के उस पर हमला हुआ। श्रीलंकाई अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 87 ईरानी नाविक मारे गए।

ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत में प्रतिनिधि अयातुल्ला डॉ. अब्दुल मजीद हकीमेलाही ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में कहा, “ईरानी जहाज को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ है, क्योंकि उनके पास किसी भी प्रकार के हथियार नहीं थे।” उन्होंने कहा, “वे (ईरानी नाविक) यहां अभ्यास के लिए आए थे। अभ्यास समाप्त होने के बाद वे ईरान वापस जाना चाहते थे और उन पर अमेरिका ने हमला कर दिया।” हकीमेलाही ने कहा,“यह मानवता, नैतिकता और न्याय के विरुद्ध है।” उन्होंने मौजूदा संघर्ष पर कहा कि ईरा न अपना बचाव कर रहा है।

हकीमेलाही ने कहा, “हम अमेरिका के साथ बातचीत कर रहे थे। ओमान में हमने सद्भावना से बातचीत की और हम बातचीत के लिए टिके रहे। हमने बातचीत नहीं छोड़ी। लेकिन बातचीत के दौरान ही उन्होंने (अमेरिका ने) हम पर हमला कर दिया।” उन्होंने स्वीकार किया कि हाल ही में हुए अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों में कई कमांडर मारे गए। अधिकारी ने बताया कि इन हमलों में बच्चों समेत सैकड़ों नागरिक भी मारे गए हैं। हकीमेलाही ने कहा,“उन्होंने एक प्राथमिक विद्यालय पर हमला किया, जिसमें सात से 12 वर्ष की आयु के बच्चे मारे गए।

कम से कम 173 छात्र मारे गए हैं।” उन्होंने कहा, “इजराइल और अमेरिका ने ईरान के गांधी अस्पताल पर हमला किया और कई बच्चों व शिशुओं की जान ले ली। वे तेहरान और इस्फहान में भी हमारे नागरिकों को मार रहे हैं।” हकीमेलाही ने कहा, ‘‘वे हमारे नागरिकों पर हमला कर रहे हैं लेकिन ईरानी जनता कभी भी अपमान सहन नहीं करेगी और वे खून की आखिरी बूंद तक लड़ेंगे।” 

Read More पासपोर्ट रखने और विदेश यात्रा करने का अधिकार व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अभिन्न अंग है : अदालत

संबंधित समाचार