सेल के स्वदेशी इस्पात से बना ‘आईएनएस अंजदीप’ भारतीय नौसेना के बेड़े में शामिल
देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक एवं महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने आईएनएस अंजदीप के लिए आवश्यक विशेष-ग्रेड इस्पात की आपूर्ति की है।
नयी दिल्ली, भाषा। देश की सार्वजनिक क्षेत्र की सबसे बड़ी इस्पात उत्पादक एवं महारत्न कंपनी स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) ने आईएनएस अंजदीप के लिए आवश्यक विशेष-ग्रेड इस्पात की आपूर्ति की है। भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को आईएनएस अंजदीप युद्धपोत का जलावतरण किया। इस युद्धपोत का उद्देश्य भारतीय नौसेना की पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं और तटीय निगरानी को बढ़ाना है। कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स द्वारा विनिर्मित ‘अंजदीप’ एक अत्याधुनिक युद्धपोत है, जिसे विशेष रूप से तटीय और राष्ट्र की सुरक्षा के लिहाज से अहम, उथले जल क्षेत्रों में परिचालन की चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार किया गया है।
आईएनएस अंजदीप ‘एंटी-सबमरीन वारफेयर शैलो वॉटर क्राफ्ट’ परियोजना के तहत बनाए जा रहे आठ पोतों में से तीसरा है। कंपनी के बयान के अनुसार, नौसेना के पुराने होते 'अभय-श्रेणी' के जहाजों को बदलने के लिए इन एएसडल्यू-एसडब्ल्यूसी कार्वेट का निर्माण स्वदेशी रूप से किया जा रहा है। इस रणनीतिक प्रयास के तहत सेल ने जीआरएसई द्वारा बनाए जा रहे आठ एसडब्ल्यूसी कार्वेट के लिए करीब 3,500 टन विशेष-ग्रेड के इस्पात की पूरी आपूर्ति की है।
यह इस्पात... सेल के बोकारो, भिलाई और राउरकेला स्थित एकीकृत इस्पात संयंत्रों से उपलब्ध कराया गया है, जो देश की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती को दर्शाता है। यह उपलब्धि रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, आयात पर निर्भरता कम करने और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में सेल की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है। इसमें कहा गया कि पिछले कुछ वर्ष में सेल ने रक्षा स्वदेशीकरण के तहत विशेष-ग्रेड इस्तेमाल की जरूरतों को पूरा करते हुए आईएनएस विक्रांत, आईएनएस उदयगिरि, आईएनएस नीलगिरी और आईएनएस सूरत जैसी परियोजनाओं के लिए भी इस्पात की आपूर्ति की है।

