लाडकी बहिन योजना के कारण अन्य विभागों से 'अन्याय' : महाराष्ट्र के मंत्री

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजना मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना से ऐसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं जिनसे अन्य विभागों के साथ अन्याय हो रहा है।

मुंबई, भाषा। महाराष्ट्र के मंत्री गणेश नाइक ने शुक्रवार को कहा कि राज्य सरकार की प्रमुख योजना मुख्यमंत्री लाडकी बहिन योजना से ऐसी परिस्थितियां पैदा हो रही हैं जिनसे अन्य विभागों के साथ अन्याय हो रहा है। हालांकि नाइक ने विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान कहा कि यह योजना जारी रहेगी। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये दिए जाते हैं। नाइक ने कहा, "सरकार ने पिछले एक साल में कई परियोजनाएं शुरू की हैं। इनमें स्वीकृत 'लाडकी बहिन योजना' भी शामिल है। भले ही इससे अन्य विभागों के साथ अन्याय हो, यह योजना जारी रहेगी।"

यह पहला मौका नहीं है जब राज्य के किसी मंत्री ने इस योजना के कारण उत्पन्न वित्तीय दबाव की चर्चा की है।  इस योजना को 2024 के राज्य विधानसभा चुनाव में महायुति की जीत के प्रमुख कारकों में से एक माना जाता है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आश्वासन दिया है कि यह योजना जारी रहेगी। नाइक वन विभाग की संपत्तियों और उनके प्रभावी उपयोग के बारे में बात कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र वन विकास निगम (एफडीसीएम) के अंतर्गत उपलब्ध सागवान की लकड़ी की लागत 12,000 करोड़ रुपये है। नाइक ने कहा, "मैंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे 12,000 करोड़ रुपये की संपत्ति के बदले बैंक से 6,000 करोड़ रुपये का ऋण लें।’’ उन्होंने कहा कि अगर 6,000 करोड़ रुपये उपलब्ध हो जाते हैं, तो इससे बुनियादी ढांचागत कार्य, वेतन और महंगाई भत्ता (डीए) दिए जा सकते हैं। नाइक ने कहा, "प्रस्ताव को मंजूरी के लिए मंत्रिमंडल के समक्ष रखा जाएगा।"

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