पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में अमेरिकी मिशनों में विरोध प्रदर्शन, 10 लोगों की मौत
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में हिंसक झड़पों और आगजनी के दौरान कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई।
इस्लामाबाद/कराची/लाहौर, भाषा। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में हिंसक झड़पों और आगजनी के दौरान कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई। पाकिस्तान के कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच रविवार को हुई झड़पों में कम से कम 10 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। अमेरिका-इजराइल के हवाई हमले में शनिवार को खामेनेई के मारे जाने के बाद पाकिस्तान के विभिन्न शहरों में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पें और आगजनी की घटनाएं हुई।
खामेनेई के मारे जाने की खबर के बाद पाकिस्तान के शिया मुसलमानों का गुस्सा भड़क उठा, जिनकी आबादी 24 करोड़ पाकिस्तानी लोगों में से 20 प्रतिशत है। इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि वह कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में जारी प्रदर्शनों की खबरों पर नजर रख रहा है। वहीं, पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने नागरिकों से कानून अपने हाथ में न लेने और ‘‘शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराने’’ का अनुरोध किया है। सिंध प्रांत के तटीय शहर कराची में हिंसक झड़पें हुईं, जहां आक्रोशित लोगों ने माई कोलाची रोड पर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास की इमारत पर हमला करने की कोशिश की और सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोकने का प्रयास किया।
कराची सिविल अस्पताल (सीएचके) के ट्रॉमा सेंटर के कार्यकारी निदेशक डॉ. मोहम्मद साबिर मेमन ने डॉन को बताया कि वाणिज्य दूतावास के पास हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान 10 लोग मारे गए और 31 अन्य घायल हो गए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक असद रजा ने कहा कि भीड़ द्वारा पुलिस पर हमला शुरू किए जाने के बाद, उन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले और रबड़ की गोलियों का इस्तेमाल किया। अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी एकत्र हो गए थे, और जब वे अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुसने की कोशिश कर रहे थे, तब पुलिस ने उन पर गोली चला दी।
सिंध की पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने बताया कि सिविल अस्पताल में 10 शव लाए गए, जिनमें से कुछ पर गोली लगने के निशान थे। सैयद ने बताया कि अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में करीब 30 घायलों का इलाज किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘घायलों में चार पुलिसकर्मी शामिल हैं।’’ सिंध के सूचना मंत्री के प्रवक्ता हुसैन मंसूर ने झड़प में लोगों की मौत पर ‘‘गहरा दुख’’ व्यक्त किया। उन्होंने एक बयान में कहा, ‘‘प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के सुरक्षा घेरे को तोड़कर अंदर घुस गए और तोड़फोड़ की।’’ लाहौर, इस्लामाबाद के साथ ही पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) के गिलगित-बाल्टिस्तान (जीबी) के गिलगित और स्कार्दू शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए, जहां एक बड़ी शिया आबादी है।
गिलगित-बाल्टिस्तान में स्थिति तब गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने भारत और पाकिस्तान से संबंधित संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के कार्यालयों में आग लगा दी। उन्होंने एक स्कूल, पुलिस अधीक्षक के कार्यालय और आगा खान ग्रामीण सहायता कार्यक्रम (एकेआरएसपी) के कार्यालय में भी आग लगा दी। ‘डॉन’ ने कहा कि अधिकारियों ने स्कार्दू जिले में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि जीबी पुलिस ने एक बयान में कहा है कि पाकिस्तान दंड संहिता (पीपीसी) की धारा 245 के तहत पाकिस्तानी सेना को बुलाया गया है। इसने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने काराकोरम राजमार्ग (केकेएच) को कई स्थानों पर अवरुद्ध कर दिया।
लाहौर में सैकड़ों लोगों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को घेर लिया और उनमें से कुछ ने वाणिज्य दूतावास भवन में जबरन घुसने की कोशिश भी की। हालांकि, उनमें से कुछ लोग कथित तौर पर इमारत में प्रवेश करने में कामयाब हो गए, लेकिन उन्हें दूतावास के सुरक्षाकर्मियों ने पकड़ लिया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया। पंजाब पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘खामेनेई की हत्या की पुष्टि होने के बाद, शिया संगठन मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन (एमडब्ल्यूएम) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता लाहौर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्र होने लगे। उस समय अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात नहीं थे।’’
उन्होंने बताया कि बाद में भारी संख्या में पुलिस बल को घटनास्थल की सुरक्षा के लिए भेजा गया। प्रदर्शनकारियों ने ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे लगाए और उनमें से कई लोग ईरान के सर्वोच्च नेता की तस्वीर लिए रोते हुए देखे गए। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी और प्रदर्शनकारियों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी, हालांकि, दूतावास के आसपास की स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी रही क्योंकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुरोध के बावजूद प्रदर्शनकारी स्थानीय समयानुसार शाम सात बजे तक वहां से नहीं हटे। इस्लामाबाद में प्रदर्शनकारियों को अमेरिकी दूतावास की ओर बढ़ने से रोक दिया गया, जबकि शहर प्रशासन ने राजधानी में धारा 144 लागू करके सभी सार्वजनिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया।
प्रशासन ने चेतावनी दी है, ‘‘किसी भी प्रकार के विरोध, प्रदर्शन या सभा के मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।’’ अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में कहा कि वह कराची और लाहौर में अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों पर हो रहे प्रदर्शनों की खबरों के साथ-साथ इस्लामाबाद में अमेरिकी दूतावास और पेशावर में वाणिज्य दूतावास में अतिरिक्त प्रदर्शनों के आह्वान पर नजर रख रहा है। दूतावास ने कहा, “हम पाकिस्तान में अमेरिकी नागरिकों को स्थानीय समाचारों पर नजर रखने और व्यक्तिगत सुरक्षा उपाय अपनाने की सलाह देते हैं, जिसमें अपने आस-पास की परिस्थितियों से अवगत रहना, भीड़-भाड़ से बचना शामिल है। गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि ‘‘अयातुल्ला खामेनेई की शहादत’’ के बाद पाकिस्तान का हर नागरिक उसी तरह दुखी है जैसे ईरान के लोग शोक मना रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी ईरान के लोगों के साथ हैं। (लेकिन) हम नागरिकों से अनुरोध करते हैं कि वे कानून को अपने हाथ में न लें और शांतिपूर्वक अपना विरोध दर्ज कराएं।’’ इसके अलावा, नक़वी ने प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ से मुलाकात की और उन्हें कानून-व्यवस्था की स्थिति के बारे में जानकारी दी। इस बीच, सिंध प्रांत में प्रांतीय सरकार ने घटना के सभी पहलुओं की निष्पक्ष समीक्षा करने और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों का पता लगाने के लिए एक उच्चस्तरीय संयुक्त जांच दल (जेआईटी) का गठन किया। सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से विस्तृत जानकारी मांगते हुए इस बात पर जोर दिया कि ‘‘किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।’’

