होलिका दहन पर पुरुष हितैषी संस्था ने बच्चों की हत्या की आरोपी 11 महिलाओं की तस्वीरें जलाईं
इंदौर में पुरुषों के हितों में काम करने वाली एक सामाजिक संस्था ने सोमवार को होलिका दहन के मौके पर विवादास्पद विरोध प्रदर्शन करते हुए बच्चों की हत्या के आरोप का सामना कर रहीं 11 महिलाओं की तस्वीरें जलाईं।
इंदौर, भाषा। इंदौर में पुरुषों के हितों में काम करने वाली एक सामाजिक संस्था ने सोमवार को होलिका दहन के मौके पर विवादास्पद विरोध प्रदर्शन करते हुए बच्चों की हत्या के आरोप का सामना कर रहीं 11 महिलाओं की तस्वीरें जलाईं। स्थानीय संस्था ‘पौरुष’ (पीपुल अगेंस्ट अनइक्वल रूल्स यूज्ड टू शेल्टर हैरेसमेंट) के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता अशोक दशोरा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘यह आयोजन देश के अलग-अलग राज्यों में बच्चों के खिलाफ महिलाओं के अंजाम दिए गए जघन्य अपराधों से जुड़े मुद्दों को उजागर करने के उद्देश्य से किया गया।’’
दशोरा ने बताया कि होलिका दहन के अवसर पर ऐसी 11 महिलाओं की तस्वीरें गोबर के उपलों पर रखकर फूंकी गईं जिन पर बच्चों की हत्या का आरोप है। उन्होंने दावा किया कि इनमें से दो महिलाओं को निचली अदालतें सजा सुना चुकी हैं, जबकि शेष नौ महिलाओं के खिलाफ न्यायालयों में मुकदमे लंबित हैं। कार्यक्रम स्थल पर रखे गए पुतले में एक महिला को बच्चे का कटा सिर पकड़े दर्शाया गया था। इस पुतले के पास नीले रंग का ड्रम और लाल रंग का सूटकेस भी रखा गया था।
लसूड़िया पुलिस थाने के प्रभारी तारेश सोनी ने 'पीटीआई-भाषा' को बताया,"हम घटना की जानकारी ले रहे हैं। हमने संस्था को किसी भी विवादास्पद प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। जांच के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।" हालांकि, यह पहला अवसर नहीं है जब संस्था ‘पौरुष’ ने शहर में इस प्रकार के विवादास्पद विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई हो। पिछले साल दशहरे के अवसर पर संस्था ने ‘शूर्पणखा दहन’ कार्यक्रम के नाम पर उन 11 महिलाओं की तस्वीरों वाला पुतला जलाने की घोषणा की थी जिन पर अपने पति या बच्चे या ससुराल वालों की जघन्य हत्या के आरोप हैं।
बहरहाल, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए इस प्रस्तावित आयोजन पर रोक लगा दी थी। दशोरा का दावा है कि पिछले 15 वर्षों से सक्रिय उनकी संस्था दहेज, घरेलू हिंसा, भरण-पोषण, तलाक तथा बच्चों की अभिरक्षा से जुड़े मामलों में पुरुषों को निःशुल्क परामर्श और कानूनी सहायता उपलब्ध कराती है।

