लाल किला विस्फोट: अदालत ने एनआईए को जांच पूरी करने के लिए 45 दिन का और समय दिया
दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के निकट हुए विस्फोट के संबंध में अपनी जांच पूरी करने के लिए 45 और दिन का समय दिया।
नयी दिल्ली, भाषा। दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को 10 नवंबर, 2025 को लाल किले के निकट हुए विस्फोट के संबंध में अपनी जांच पूरी करने के लिए 45 और दिन का समय दिया।पटियाला हाउस अदालत के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने आरोपियों के वित्तीय और डिजिटल संबंधों की जांच करने के आधार पर 90 दिन का अतिरिक्त समय देने की एनआईए की याचिका को स्वीकार कर लिया।
अदालत ने सात आरोपियों आमिर राशिद मीर, जसीर बिलाल वानी, मुफ्ती इरफान अहमद वागे, डॉ. मुजमिल शकील गनी, डॉ. अदील अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद और शोएब की न्यायिक हिरासत भी 13 मार्च तक बढ़ा दी।शोएब को अदालत में भौतिक रूप से पेश किया गया, जबकि अन्य लोग वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से सुनवाई में शामिल हुए।
प्रमुख जांच एजेंसी की याचिका में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) के प्रावधानों के अनुसार, ‘‘जांच और हिरासत की अवधि को वैधानिक 90 दिन की अवधि से आगे बढ़ाकर 180 दिन तक’’ करने का अनुरोध किया गया है।डॉ. उमर उन नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था, जिसमें 10 नवंबर, 2025 को राष्ट्रीय राजधानी में लाल किले के बाहर विस्फोट किया गया। इस घटना में 15 लोग मारे गए थे और कई अन्य घायल हो गए थे।
‘पीPn
टीआई’ ने इससे पहले खबर दी थी कि चिकित्सकों के एक समूह के नेतृत्व में चल रहा आतंकी मॉड्यूल पिछले साल से ही आत्मघाती हमलावर की तलाश में सक्रिय रूप से जुटा हुआ था, जिसमें उमर को मुख्य षड्यंत्रकर्ता बताया जा रहा है।

