विधायक रोहित पवार ने मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए बारामती विमान दुर्घटना पर सवाल उठाए
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच अभी जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।
पुणे, भाषा। एअर इंडिया की उड़ान एआई-171 के पिछले साल दुर्घटनाग्रस्त होने के मामले में कुछ विदेशी मीडिया में आयी की खबरों का हवाला देते हुए राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शप) के विधायक रोहित पवार ने शुक्रवार को कहा कि इससे महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन का कारण बने विमान हादसे को लेकर उनकी आशंका और मजबूत हो गई है।
विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) ने बृहस्पतिवार को कहा कि अहमदाबाद में एअर इंडिया विमान दुर्घटना की जांच अभी जारी है और कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है।एएआईबी ने कहा कि दुर्घटना की जांच पूरी होने का दावा करने वाली मीडिया की खबरें ‘गलत और अटकलों’ पर आधारित हैं।
रोहित पवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘कुछ विदेशी मीडिया में यह खबर देखने के बाद कि अहमदाबाद विमान दुर्घटना में पायलट ने खुद ईंधन स्विच बंद कर दिया था, अजित दादा से जुड़ी विमान दुर्घटना को लेकर व्यक्त की गई आशंका और मजबूत हो गई है।’’
राकांपा (शप) नेता की यह टिप्पणी उनकी ओर से अजित पवार की मौत का कारण बनने वाले विमान हादसे में संभावित ‘तोड़फोड़’ की आशंका जताए जाने के कुछ दिनों बाद आई है।उन्होंने पिछले महीने हुए हादसे में शामिल विमान का स्वामित्व रखने वाली निजी कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजित पवार और चार अन्य लोगों की 28 जनवरी को पुणे जिले के बारामती हवाई अड्डे पर विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।
दिवंगत नेता के भतीजे रोहित पवार ने कहा कि बारामती विमान दुर्घटना में भी इस बात की जांच होनी चाहिए कि क्या पायलट पर कोई दबाव था।विपक्षी दल के विधायक ने जोर देकर कहा, ‘‘एक गहन, विस्तृत और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।’’ उन्होंने बारामती दुर्घटना में शामिल लेयरजेट विमान का स्वामित्व रखने वाली कंपनी के संचालन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की।
उन्होंने मांग की, ‘‘जानलेवा सेवाएं प्रदान करने वाली एयरलाइन कंपनी के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? वीएसआर कंपनी (जिसका विमान बारामती में दुर्घटनाग्रस्त हुआ) पर भी न्याय का वही मानक लागू होना चाहिए था।’’रोहित पवार ने कहा कि अब तक कंपनी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर उसका संचालन बंद कर दिया जाना चाहिए था।
उन्होंने कहा, ‘‘ ऐसा क्यों नहीं हो रहा है? यह एक अनुत्तरित प्रश्न बना हुआ है। या क्या कंपनी के मालिक और साझेदार का इतना प्रभाव है कि सरकार भी उनके खिलाफ कार्रवाई करने से डरती है?’’गौरतलब है कि राकांपा (शप) प्रमुख शरद पवार ने इस त्रासदी में किसी भी साजिश की आशंका को खारिज करते हुए इसे एक दुर्घटना करार दिया था।

