नौकरी के झांसे में रूस गए युवक की युद्ध में मौत
पंजाब में लुधियाना के 21 वर्षीय समरजीत सिंह की कथित तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर मौत हो गई। उनके परिजनों ने यह जानकारी दी।
लुधियाना, भाषा। पंजाब में लुधियाना के 21 वर्षीय समरजीत सिंह की कथित तौर पर रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर मौत हो गई। उनके परिजनों ने यह जानकारी दी। सिंह के परिवार का आरोप है कि उन्हें जुलाई 2025 में नौकरी का झांसा देकर रूस ले जाया गया था और बाद में धोखे से सेना में भर्ती कर मोर्चे पर भेज दिया गया। समरजीत सिंह का पार्थिव शरीर बृहस्पतिवार को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा लाया गया।
बाद में उसे लुधियाना लाया गया, जहां परिवार ने शुक्रवार शाम उनका अंतिम संस्कार किया। समरजीत के पिता चरणजीत सिंह ने उन सभी एजेंट को जिम्मेदार ठहराया जो रूस में नौकरी का फर्जी प्रस्ताव देकर युवाओं को वहां ले जाते हैं और बाद में उन्हें रूस की सेना में भर्ती करा देते हैं। उन्होंने बताया कि उनके बेटे को बिना किसी सैन्य प्रशिक्षण के रूसी सेना में भर्ती कर लिया गया था।
चरणजीत ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे से आखिरी बार सितंबर में बात की थी, जिसके बाद समरजीत लापता हो गया। बाद में परिवार ने अपने बेटे को वापस लाने के लिए विधायकों सहित कई नेताओं से सहायता की गुहार लगाई। पिछले साल सितंबर में सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो सामने आए थे, जिनमें समरजीत और कुछ अन्य भारतीय नागरिक भारत सरकार से उन्हें बचाने की अपील कर रहे थे। उनका कहना था कि उन्हें बिना उचित प्रशिक्षण के रूस-यूक्रेन युद्ध के मोर्चे पर भेज दिया गया है।
एक छोटी किराना दुकान चलाने वाले चरणजीत ने बताया कि उनका बेटा परिवार की मदद के लिए रूस गया था और उसे विदेश भेजने के लिए उन्होंने कर्ज भी लिया था। परिवार ने समरजीत को भारत वापस लाने के लिए कई नेताओं से संपर्क किया था। चरणजीत ने कहा कि मुआवजे के संबंध में अब तक न तो रूस और न ही भारत या राज्य सरकार की ओर से परिवार से कोई संपर्क किया गया है।

