राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गोवर्धन के दानघाटी मंदिर में की पूजा-अर्चना

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शनिवार को मथुरा के गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की।

मथुरा (उप्र), भाषा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उत्तर प्रदेश के अपने तीन दिवसीय दौरे के आखिरी दिन शनिवार को मथुरा के गोवर्धन स्थित दानघाटी मंदिर में पूजा-अर्चना की। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।राष्ट्रपति ने गिरिराज जी महाराज की आरती में भाग लिया और गोवर्धन परिक्रमा भी की। उन्होंने मंदिर में गिरिराज जी का विधि-विधान से पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

दानघाटी मंदिर के रिसीवर दीप चंद्र कौशिक ने बताया कि “गिरिराज धारण की जय” सहित अन्य मंत्रोच्चार के बीच राष्ट्रपति ने 11 किलो दूध, दही, शहद, घी और बूरा से महाभिषेक किया।उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति को गिरिराज जी महाराज की चांदी की प्रतिमा, एक पटका और प्रसाद भेंट किया गया।

आध्यात्मिक मान्यता के अनुसार, द्वापर युग की ब्रजभूमि से जुड़ी तीन प्रमुख धरोहरें—गिरिराज जी, ब्रजभूमि और यमुना महारानी—आज भी विशेष धार्मिक महत्व रखती हैं। राष्ट्रपति ने गोवर्धन पहुंचकर अभिषेक और परिक्रमा कर दानघाटी मंदिर के सेवायत जी.के. पुरोहित से आशीर्वाद प्राप्त किया।

दानघाटी मंदिर में प्रार्थना करने के बाद, राष्ट्रपति ने वैदिक मंत्रों और जयकारों के बीच गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा शुरू की।मंदिर सेवक पवन कौशिक ने बताया कि राष्ट्रपति मार्ग में श्रद्धालुओं को देखकर मुस्कुराती और हाथ हिलाती नजर आईं।उन्होंने पहले लगभग 200 मीटर पैदल चलकर शेष परिक्रमा ‘गोल्फ कार्ट’ में पूरी की। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, राज्य सरकार के मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण और संदीप सिंह उनके साथ रहे।

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इस मौके पर परिक्रमा मार्ग को रंगोली से सजाया गया था।गोवर्धन में मानसी गंगा के पास स्थित मुकुट मुखरबिंद मंदिर में राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया गया। अपने संक्षिप्त प्रवास के दौरान, उन्होंने फूल और नारियल अर्पित किए और मानसी गंगा की आरती की।मंदिर सेवक विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि मंत्रों के उच्चारण के बीच, उन्होंने देवी को दूध और जल भी अर्पित किया और भोग प्रसाद के रूप में रबड़ी भी दी।

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संतों द्वारा शहनाई, ढोल और नगाड़ा जैसे वाद्ययंत्रों पर पारंपरिक भजन बजाए गए, जिससे वातावरण और भक्तिमय हो गया।राष्ट्रपति ने गोवर्धन में बरगद का पौधा भी लगाया और परिक्रमा मार्ग पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रहे बच्चों से बातचीत की।छात्रों ने विभिन्न स्थानों पर पुष्प होली और मयूर नृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी राष्ट्रपति ने सराहना की। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, मुर्मू दिल्ली के लिए रवाना हो गईं।

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मथुरा सांसद हेमा मालिनी, राज्यसभा सदस्य तेजवीर सिंह और अन्य जन प्रतिनिधि उन्हें विदाई देने के लिए हेलीपैड पर उपस्थित थे।राष्ट्रपति मुर्मू का उत्तर प्रदेश दौरा बृहस्पतिवार, 19 मार्च को अयोध्या से शुरू हुआ था। उन्होंने अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मभूमि पर दर्शन-पूजन किया और इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि मथुरा-वृंदावन पहुंचीं।अपने दौरे के दौरान वह लगातार विभिन्न आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल हुई।