IAS अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज पर की गई अमर्यादित, जातिवादी एवं असंवैधानित टिप्पणी पर विरोध प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन   

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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शुक्रवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, जनपद मुरादाबाद ने संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज, सवर्ण समाज पर की गई।

नेशनल एक्सप्रेस, मुरादाबाद (हिमांशु)।  शुक्रवार को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, जनपद मुरादाबाद ने संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज, सवर्ण समाज पर की गई अत्यंत आपत्तिजनक टिप्पणी मध्यप्रदेश में आयोजित एक सभा,कार्यक्रम के दौरान आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा द्वारा ब्राह्मण समाज की बेटियों को लेकर अत्यंत अभद्र, अमर्यादित. जातिवादी एवं भारतीय संविधान की मर्यादा को कलंकित करने वाला बयान दिया गया।

जिसमें उन्होंने कथित रूप से कहा आरक्षण तब तक जारी रहे, जब तक कोई ब्राह्मण अपनी बेटी मेरे बेटे को दान न दे या रिश्ता न बनाए। यह बयान-भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14, 15, 21 का खुला उल्लंघन,समाज में जातीय वैमनस्य फैलाने वाला,महिलाओं की गरिमा का हनन करने वाला,तथा एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा किया गया।

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पूर्णतःअसंवैधानिक एवं आपराधिक कृत्य है। इससे न केवल ब्राह्मण समाज, अपितु समस्त सवर्ण समाज, महिला समाज एवं राष्ट्रवादी नागरिको की भावनाएं आहत हुई है। संतोष वर्मा का आपराधिक एवं विवादित इतिहास पुराने प्रकरण महोदय यह पहली घटना नहीं है जब सतोष वर्मा विवादों में आए हो। मीडिया रिपोर्टी एवं सरकारी अभिलेखों के अनुसार उनके विरुद्ध पूर्व में भी कई गंभीर आरोप दर्ज रहे हैं।

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 जिनमें- फर्जी न्यायालयीय आदेश तैयार करने का आरोप (जज के हस्ताक्षर की नकल करना)संतोष वर्मा पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कोर्ट ऑर्डर बनवाए, जज के हस्ताक्षर की नकल की, और न्यायिक प्रक्रिया से धोखाधड़ी कर लाभ लेने का प्रयास किया।

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उक्त अपराध भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471, 472 के अंतर्गत गंभीर अपराधिक कृल्प है। इस मामले में उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था। महिलाओं के साथ धोखाधड़ी एवं शोषण के आरोप कुछ महिलाओं ने उनके विरुद्ध यह आरोप लगाया कि उन्होंने झूठे बाते रहे शोपण किया, तथा पद का दुरुपयोग किया।

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यह धारा 354 417, 506 आईपीसी के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।पदोन्नति के लिए फर्जी दस्तावेज, मनगढंत अभिलेख प्रस्तुत करने के आरोप वन पर यह भी आरोप रहा कि राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस में पदोन्नति पाने हेतु उन्होंने भ्रामक दस्तावेज गलत तथ्य प्रस्तुत किए।

यह आवरण All India Service (Conduct) Rules. 1968 का गंभीर उल्लघन है।इन सब मामली से यह स्पष्ट होता है कि उक्त अधिकारी का आचरण शुरू से ही अनुशासनहीन प्रष्ट, नैतिक-विहीन और प्रशासनिक मूल्यों के विपरीत रहा है। क्यों यह अधिकारी सेवा में बने रहने योग्य नहीं हैउनके बयान से जातीय तनाव भड़कने की प्रबल संभावना है।

महिलाओं की गरिमा और सम्मान को ठेस पहुँचाने वाला यह बयान राष्ट्रीय मर्यादा के विरुद्ध है। उनके ऊपर पहले से गंभीर आपराधिक आरोप हैं, जिससे उनका चरित्र संदिग्ध और भ्रष्ट साबित होता है। ऐसे व्यक्ति का महत्वपूर्ण प्रशासनिक पद पर बने रहना, संविधान और शासन की विश्वसनीयता के लिए घालक है।

यह देश की नैतिक प्रशासनिक सेवा की छवि को धूमिल करता है।. हमारी माँगें अतः अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, जनपद मुरादाबाद निम्नलिखित मांगें करती हैकू आईएएस सतोष वर्मा को तत्काल प्रभाव से सेवा से निलंबित एवं तत्पश्चात बर्खास्त किया जाए। उनके विवादित बयान पर FIR दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में लिया जाए। उनके सभी पुराने प्रकरणों की CBI ,SIT द्वारा पुनः जाँच करायी जाए।

प्रशासनिक सेवा में उनके पद पर बने रहना राष्ट्रहित के प्रतिकूल है-अतः उन्हें स्थायी रूप से अयोग्य घोषित किया जाए। प्रधानमत्री यह विषय सामाजिक समरसता, महिलाओं की गरिमा, संवैधानिक मर्यादा और प्रशासनिक शुचिता से जुड़ा हुआ है। इसलिए आपसे विनम्र निवेदन है कि संतोष वर्मा के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

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