गुन्नौर में लापरवाही बनी मासूम की मौत का कारण

नेशनल एक्सप्रेस डिजिटल डेस्क
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अस्पताल में डॉक्टर न मिलने से सात वर्षीय मासूम ने तोड़ा दम | पिता गोद में उठाए भटकता रहा स्वास्थ्य तंत्र पर उठे सवाल

तहसील गुन्नौर क्षेत्र के बबराला थाना इलाके के गांव नूरपुर में रविवार को दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झगजोर कर रख दिया।

गुन्नौर, नेशनल एक्सप्रेस संवाददाता। तहसील गुन्नौर क्षेत्र के बबराला थाना इलाके के गांव नूरपुर में रविवार को दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झगजोर कर रख दिया। गांव निवासी दुर्गेश कुमार का 7 वर्षीय बेटा अमित कुमार नल पर नहा रहा था, तभी अचानक एक जर्जर दीवार भरभरा कर मासूम के ऊपर गिर पड़ी। हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आनन-फानन में घायल बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सीएचसी गुन्नौर लेकर पहुंचे। लेकिन अस्पताल में न तो कोई डॉक्टर मौजूद था और न ही स्टाफ ने मदद की। गंभीर हालात में तड़पते मासूम को देखकर उसका पिता दुर्गेश कुमार बार-बार चीखता-चिल्लाता रहा—“मेरे बेटे का इलाज कर दो”… मगर आधे घंटे तक किसी ने उसकी सुध नहीं ली। आखिरकार मजबूर पिता घायल बेटे को गोद में उठाकर बाइक से अलीगढ़ के लिए लेकर चल पड़ा। लेकिन इलाज से पहले ही मासूम अमित ने रास्ते में दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में गम का माहौल पसर गया। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली और प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय पर अस्पताल में डॉक्टर मौजूद होता और इलाज मिल जाता तो शायद मासूम की जान बच सकती थी। घटना को लेकर संभल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तरुण पाठक से कई बार संपर्क साधने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने न तो फोन रिसीव किया और न ही कोई जानकारी देने की ज़रूरत समझी। इससे लोगों में आक्रोश और बढ़ गया है।

क्षेत्रीय जनता अब पूछ रही है कि क्या सरकारी स्वास्थ्य केंद्र केवल नाम के लिए चल रहे हैं। क्या गरीबों को समय पर इलाज मिलना भी नसीब नहीं है?IMG-20250929-WA0373

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