दिल्ली में एनसीईआरटी की ‘पायरेटेड’ किताबों की आपूर्ति करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार
मध्य दिल्ली के दरियागंज स्थित एक गोदाम पर छापा मरने के बाद पुलिस ने एनसीईआरटी की ‘पायरेटेड’ पुस्तकों (अनधिकृत रूप से प्रकाशित पुस्तकें) की आपूर्ति में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ करके इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है।
नई दिल्ली, भाषा। मध्य दिल्ली के दरियागंज स्थित एक गोदाम पर छापा मरने के बाद पुलिस ने एनसीईआरटी की ‘पायरेटेड’ पुस्तकों (अनधिकृत रूप से प्रकाशित पुस्तकें) की आपूर्ति में शामिल एक गिरोह का भंडाफोड़ करके इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, एनसीईआरटी के अधिकृत कानूनी प्रतिनिधियों के साथ टीम ने अभियान के दौरान एनसीईआरटी की कुल 12,755 पायरेटेड किताबें जब्त कीं।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान यमुना विहार निवासी कनिष्क (32) और प्रीत विहार निवासी विनोद जैन (65) के रूप में हुई है। पुलिस उपायुक्त (अपराध) संजीव कुमार यादव ने एक आधिकारिक बयान में बताया कि 10 नवंबर को प्राप्त विशेष सूचना के आधार पर पुलिस ने दरियागंज स्थित एक गोदाम पर छापा मारा, जहां एनसीईआरटी की पायरेटेड किताबें रखी मिलीं। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और भारतीय न्याय संहिता तथा कॉपीराइट अधिनियम, 1957 की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि कनिष्क ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की है और उसका कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। पुलिस के अनुसार, आरोपी विनोद जैन ने कक्षा 12वीं तक की पढ़ाई की है और वह पिछले साल अपराध शाखा में दर्ज इसी तरह के एक मामले में शामिल था।पुलिस ने बताया कि जांचकर्ता जब्त की गई पायरेटेड पुस्तकों के अवैध मुद्रण और वितरण से जुड़े स्रोत और गिरोह का पता लगाने के लिए काम कर रहे हैं।

