कश्मीर में श्रद्धापूर्वक मनाई गई महाशिवरात्रि
कश्मीर में ‘हेरथ’ के नाम से प्रसिद्ध महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को पूरे घाटी में श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कश्मीरी पंडितों ने मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की।
श्रीनगर, भाषा। कश्मीर में ‘हेरथ’ के नाम से प्रसिद्ध महाशिवरात्रि का पर्व रविवार को पूरे घाटी में श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कश्मीरी पंडितों ने मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना की। सबसे बड़ा जमावड़ा डल झील पर स्थित शंकराचार्य मंदिर में देखा गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने मंदिर पहुंचकर भगवान को फूल और फल अर्पित किए तथा उनका आशीर्वाद लिया। घाटी के अन्य मंदिरों में भी यह पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया।
‘हेरथ’ का अर्थ ‘हर (भगवान शिव) की रात’ है और यह कश्मीरी पंडित समुदाय का एक प्रमुख त्योहार है। यह फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को मनाया जाता है। ‘हेरथ’ की एक प्रमुख परंपरा में मिट्टी के पात्रों में अखरोट भिगोए जाते हैं, जो उर्वरता, समृद्धि और दिव्य आशीर्वाद का प्रतीक माने जाते हैं।
बिहार से आई पर्यटक पूजा ने कहा, “यह पर्व बिहार और अन्य राज्यों में भी उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर यहां आकर हम खुद को धन्य महसूस कर रहे हैं।” एक अन्य पर्यटक उपेश ने बताया कि उन्होंने विशेष रूप से इस पर्व के लिए कश्मीर की यात्रा की योजना बनाई थी। उन्होंने कहा, “आज यहां दर्शन करके हम धन्य महसूस कर रहे हैं।”

