लंकेश भक्त मंडल कर रहा है रावण पुतला दहन का विरोध
लंकेश भक्त मंडल एक बार फिर दशहरा के दिन दशानन का विधिविधान से पूजन अर्चन करेगा। इससे पहले लंकेश भक्त मंडल ने दशहरा पर रावण के पुतला दहन किये जाने का विरोध शुरू कर दिया है।
मथुरा। लंकेश भक्त मंडल एक बार फिर दशहरा के दिन दशानन का विधिविधान से पूजन अर्चन करेगा। इससे पहले लंकेश भक्त मंडल ने दशहरा पर रावण के पुतला दहन किये जाने का विरोध शुरू कर दिया है। लंकेश भक्त मंडल का कहना है कि प्रकांड विद्वान भगवान भोलेनाथ के प्रिय भक्त और भगवान श्री राम के आचार्य रावण का पुतला दहन करने वाले लोगों को ब्राह्मण हत्या के समान ही पाप लगता है। जिससे कई जन्मों तक मुक्ति नहीं मिलती है।
विजय दशमी पर्व पर भगवान श्री राम के भक्तों को और सनातन धर्म के लोगों को रावण के पुतलों का दहन नहीं करना चाहिए। लंकेश भक्त मंडल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत एडवोकेट ने कहा कि वह लंकेश के पुतला दहन का पुरजोर विरोध करते हैं। वह ऐसा कई वर्षों से कर रहे हैं, उन्हों तर्क दिया कि है कि रावण प्रकांड विद्वान थे और वो भगवान भोलेनाथ के प्रिय भक्त थे। भगवान श्री राम ने दशानन के वध के बाद वहां कोई खुशी नहीं मनाई क्योंकि वो जानते थे कि भगवान भोलेनाथ के प्रिय भक्त का आज वध हुआ है जिससे भोलेनाथ दुखी हैं।
राम जी ने वानर सेना से कहा जिनके आशीर्वाद से आज हमने लंका पर विजय प्राप्त की है उनका सम्मान जनक तरीके से अंतिम संस्कार करो। लंकेश भक्त मंडल के अध्यक्ष ओमवीर सारस्वत ने कहा है कि जिस तरह से देश में अब तक हमारी सभ्य समाज ने अनेक कुरीतियों को दूर किया है उसी तरह इस कुरीत को भी मिटाना होगा। प्रति वर्ष पुतला दहन करके बुराई को खत्म करते हैं फिर कैसे अगले साल बुराई जिंदा हो जाती है।
हमें सोचना होगा पुतला दहन से देश में विपत्तियां आती है। जिस परिवार के मुखिया पुतला दहन करते हैं उस परिवार पर कष्ट आते हैं क्योंकि हम बिना वजह के ब्राह्मण की हत्या का पाप कर रहे होते हैं। इसलिए रावण का कोई भी हिन्दू पुतला नहीं बनाता है। वल्कि दूसरे धर्म के वही लोग पुतला बनाते हैं जो सनातन धर्म के विरोधी हैं।

