फिरोजाबाद: राष्ट्रीय लोक अदालत में हुआ 180488 लंबित वादों का निस्तारण
शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में जनपद न्यायालय फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो, फिरोजाबाद (विपिन कुमार)। शनिवार को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के दिशा-निर्देशन में जनपद न्यायालय फिरोजाबाद में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण डा० बब्बू सारंग द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया।
इस अवसर पर महेन्द्र सिंह, पीठासीन अधिकारी, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, अरविन्द कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, विशु राजा, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०), अनुज चौधरी, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण), बार एसोसिएशन के अध्यक्ष शंकर लाल निषाद के साथ गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जनपद न्यायाधीश डा० बब्बू सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय व्यवस्था को आमजन के अधिक निकट लाने का एक महत्वपूर्ण एवं प्रभावी माध्यम है।
इसके माध्यम से वादों का निस्तारण आपसी सहमति एवं समझौते के आधार पर सरल, त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण ढंग से किया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों की विशेषता यह है कि यहाँ विवादों के समाधान में केवल विधिक प्रक्रिया ही नहीं, बल्कि पक्षकारों के बीच आपसी संवाद, विश्वास एवं समझ को भी महत्व दिया जाता है, जिससे विवादों का स्थायी एवं व्यावहारिक समाधान संभव हो पाता है। उन्होंने आगे कहा कि न्यायपालिका का उद्देश्य केवल वादों का निस्तारण करना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति, सद्भाव और आपसी समरसता को बनाए रखना भी है।
लोक अदालतों के माध्यम से पक्षकारों को न केवल समय और धन की बचत होती है, बल्कि उनके पारस्परिक संबंध भी सुरक्षित रहते हैं। अंत में उन्होंने इस आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी अधिकारियों, अधिवक्ताओं एवं कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री योगेश शिवा ने कहा कि राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्देश्य वादों का आपसी समझौते के आधार पर त्वरित, सुलभ एवं निःशुल्क निस्तारण करना है,
जिससे पक्षकारों को लम्बी और जटिल न्यायिक प्रक्रिया से राहत मिल सके। उन्होंने बताया कि इस लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, बैंक ऋण प्रकरण, मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण, विद्युत एवं जल बिल संबंधी मामले सहित विभिन्न प्रकार के वादों का निस्तारण किया गया । राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 180488 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें अर्थदण्ड एवं समझौता राशि कुल मु० 21,47,32,479/- रुपये रही।

