ईद पर शिया समुदाय का अनोखा प्रदर्शन, बांह पर काली पट्टी बांधकर अदा की नमाज
शनिवार को जनपद में ईद-उल-फितर का त्यौहार जहां हर्षोल्लास के साथ मनाया गया वहीं सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन शक्त नजर आया।
नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो, फिरोजाबाद। शनिवार को जनपद में ईद-उल-फितर का त्यौहार जहां हर्षोल्लास के साथ मनाया गया वहीं सुरक्षा की दृष्टि से प्रशासन शक्त नजर आया इसी दौरान जनपद के शिया समुदाय के लोगों ने इसे एक अलग और गंभीर अंदाज में मनाते हुए वैश्विक शांति और विशेष रूप से ईरान के मौजूदा हालातों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करने के लिए समुदाय के सदस्यों ने बांह पर काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
ईरान इजरायल अमेरिका में चल रहे संघर्ष की समाप्ति और वहां शांति बहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी। इस मौके पर मौजूद मौलाना ने वैश्विक युद्ध के आर्थिक प्रभावों पर चिंता जताते हुए कहा, "अन्य देशों के युद्ध का असर शायद तुरंत महसूस न हो, लेकिन ईरान के हालात का सीधा असर हमारी रसोई तक पहुंच रहा है। आज गैस सिलेंडर के लिए मारामारी मची है, लंबी कतारें लगी हैं और पेट्रोल की कीमतें आसमान छू रही हैं।"
भारत सरकार की सराहना और एकजुटता
समुदाय के सदस्यों ने ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने भारत सरकार द्वारा ईरान को मानवीय आधार पर दी जा रही सहायता की जमकर सराहना की। वक्ताओं ने कहा कि भारत हमेशा से संकट के समय अन्य देशों की मदद के लिए आगे रहता है, जो काबिले तारीफ है।
अमन-चैन और भाईचारे का संदेश
नमाज के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मौलाना ने कहा, "हम भारत के वफादार नागरिक हैं और देश की एकता, अखंडता व भाईचारे में अटूट विश्वास रखते हैं। हमारी दुआ है कि पूरी दुनिया में अमन कायम हो और सभी देश तरक्की करें। " काली पट्टी बांधकर नमाज अदा करने का यह कदम न केवल धार्मिक आस्था को दर्शाता है।
बल्कि वैश्विक समस्याओं के प्रति समुदाय की जागरूकता और शांति की अपील को भी मजबूती से पेश करता है। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगकर ईद की मुबारकबाद दी और मुल्क में खुशहाली कीकामना की।

