माया का त्याग और प्रभु भक्ति ही मोक्ष का सच्चा मार्ग : संत विष्णु चेतन
तहसील क्षेत्र टूंडला के गांव बसई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन भक्ति और आध्यात्म की अद्भुत धारा प्रवाहित हुई।
नेशनल एक्सप्रेस ब्यूरो, फिरोजाबाद। तहसील क्षेत्र टूंडला के गांव बसई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के आठवें दिन भक्ति और आध्यात्म की अद्भुत धारा प्रवाहित हुई। कथा व्यास संत विष्णु चेतन महाराज ने अपने प्रेरणादायक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को आत्मज्ञान और ईश्वर भक्ति का महत्व समझाया। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन तथा राजा परीक्षित के मोक्ष का प्रसंग सुनकर पांडाल में उपस्थित श्रद्धालु भावुक हो उठे।
संत विष्णु चेतन महाराज ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाते हुए कहा कि मृत्यु संसार का अटल नियम है, किंतु जो व्यक्ति प्रभु की शरण में रहता है, उसे मृत्यु का भय नहीं रहता। उन्होंने बताया कि तक्षक नाग का डसना केवल एक माध्यम था, वास्तव में राजा परीक्षित ने श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण से ही मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली थी। उन्होंने कहा कि सच्चा मोक्ष केवल शरीर त्यागने से नहीं, बल्कि सांसारिक मोह, माया और अज्ञान से मुक्त होने से प्राप्त होता है।
कथा के दौरान जब संत महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के परमधाम गमन का प्रसंग सुनाया तो श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। उन्होंने बताया कि भगवान कहीं जाते नहीं, वे सदैव अपने भक्तों के हृदय में निवास करते हैं। कथा के बीच विशेष रूप से तुलसी वर्षा का आयोजन किया गया। संत ने कहा कि तुलसी भक्ति का प्रतीक है और जिस हृदय में भक्ति की वर्षा होती है, वहां स्वयं भगवान नारायण का वास होता है।कथा के अंत में आरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया।
कथा के दौरान यज्ञपति के रूप में फूलवती और नेत्रपाल सिंह ने विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। वहीं परीक्षत महावीरी देवी और लाल सिंह ने भी श्रद्धा भाव से कथा श्रवण किया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं में सुखनंदन सिंह, निरोत्तम सिंह, रामवीर सिंह, बच्चू सिंह, पप्पू, ज्ञानेंद्र, संजय, कृपाल सिंह, ओमप्रकाश, समीर उर्फ भीमा, भीमा, अनुज उर्फ रामू, देव चौधरी, मनीष उर्फ मनेका, पवन सिंह, नारायण सिंह, अनूप उर्फ अनुआ, अंकित, विशेष उर्फ भोला, प्रांशु, सत्यम, अजय, अनिल, अमित, बंटी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
तजाकिस्तान से आई युवतियों का किया गया सम्मान
श्रीमद्भागवत कथा के दौरान तजाकिस्तान से आई दो विदेशी युवतियां भी संत विष्णु चेतन महाराज के दर्शन के लिए बसई पहुंचीं। आयोजकों ने बताया कि दोनों युवतियां पहले मथुरा पहुंची थीं, लेकिन वहां संत महाराज के न मिलने पर वे सीधे बसई आ गईं। यहां उन्होंने संत महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर आयोजकों ने दोनों युवतियों को पटका पहनाकर और सम्मान पत्र भेंट कर उनका स्वागत किया।

